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होम्योपैथी में इलाज हर मरीज के व्यक्तिगत लक्षणों पर निर्भर करता है। एक ही बीमारी के लिए अलग-अलग लोगों को अलग दवा दी जाती है। इसलिए ऐसे “होम्योपैथी डॉक्टर” से सावधान रहें जो— यूट्यूब या सोशल मीडिया पर बिना मरीज को देखे दवा बताते हैं। हर बीमारी के लिए एक ही दवा सबको सुझाते हैं। सिर्फ वीडियो व्यूज़ या प्रसिद्धि के लिए “तुरंत इलाज” का दावा करते हैं। सच्चा होम्योपैथिक डॉक्टर हमेशा मरीज की पूरी केस हिस्ट्री, मानसिक अवस्था, शारीरिक लक्षण, और परिवारिक पृष्ठभूमि समझकर ही दवा देता है। Dr S Ali Domohana 9547630428

NUX VOMICA

नक्स वोमिका (Nux Vomica) का इतिहास और जानकारी 1. उत्पत्ति: नक्स वोमिका का नाम लैटिन शब्दों “Nux” (बीज/नट) और “Vomica” (उल्टी) से लिया गया है। यह मुख्य रूप से स्ट्रिक्निन (Strychnos nux-vomica) नामक पेड़ के बीजों से बनती है। यह पेड़ भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। 2. प्राकृतिक स्रोत: इसके बीजों में स्ट्रिक्निन और ब्रुकिनिन जैसे तत्व होते हैं, जो अत्यधिक जहरीले होते हैं। पुराने समय में इसे गलत तरीके से लेने से गंभीर विषाक्तता हो सकती थी। 3. आयुर्वेद और होम्योपैथी में उपयोग: आयुर्वेद: नक्स वोमिका का उपयोग कभी-कभी अपच, कब्ज, और तंत्रिका संबंधी समस्याओं में किया गया। होम्योपैथी: होम्योपैथी में नक्स वोमिका को अत्यधिक कम खुराक में उपयोग किया जाता है। यह मुख्य रूप से पाचन, नींद, तनाव, शराब और तंबाकू के प्रभाव, और तंत्रिका तंत्र की समस्याओं में सहायक माना जाता है। 4. इतिहास: 17वीं और 18वीं सदी में यूरोप में इसकी खोज हुई। होम्योपैथिक चिकित्सकों ने इसके अत्यंत पतले (diluted) रूप का उपयोग शुरू किया, ताकि यह सुरक्षित रूप से रोगों में लाभ पहुंचा सके। 5. सावधानियाँ: कच्चा बीज या उच्च खुर...

Rhus Tox 30

होम्योपैथी को लेकर आम गलतफहमियाँ और सच्चाई

होम्योपैथी एक प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, लेकिन इसे लेकर कई गलतफहमियाँ प्रचलित हैं। लोग अक्सर इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझे बिना इस पर संदेह करते हैं। आइए, ऐसी ही कुछ आम भ्रांतियों और उनकी सच्चाई को जानें। 1. होम्योपैथी बहुत धीमी होती है सच्चाई: यह एक आम गलतफहमी है कि होम्योपैथी का असर बहुत धीरे-धीरे होता है। वास्तव में, यह रोग की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। क्रॉनिक (पुरानी) बीमारियों में समय लग सकता है, लेकिन एक्यूट (तत्काल) बीमारियों जैसे बुखार, सर्दी, एलर्जी, दस्त आदि में होम्योपैथी तेजी से असर दिखाती है। 2. होम्योपैथी सिर्फ हल्की बीमारियों के लिए है सच्चाई: होम्योपैथी सिर्फ सर्दी-खांसी या एलर्जी तक सीमित नहीं है। यह कैंसर, डायबिटीज, किडनी फेलियर, हृदय रोग, माइग्रेन, त्वचा रोग, ऑटोइम्यून डिजीज और मानसिक विकारों जैसी जटिल बीमारियों में भी कारगर सिद्ध हुई है। कई "अस्वीकृत मामलों" (Reject Cases) में भी यह जीवनरक्षक सिद्ध हुई है। 3. होम्योपैथिक दवाएँ सिर्फ मीठी गोलियाँ होती हैं सच्चाई: लोग सोचते हैं कि होम्योपैथी सिर्फ म...

Acconite naps

 Aconitum Napellus (Aconite) की खास टिप्स 1. अचानक शुरू होने वाली बीमारियों में दें – जब कोई बीमारी अचानक और तेजी से शुरू हो, जैसे तेज बुखार, खांसी, गला बैठना, या घबराहट, तो Aconite तुरंत असर दिखाती है। 2. ठंड लगने या ठंडी हवा से बीमार होने पर सबसे पहले दें – अगर कोई ठंडी हवा में रहा हो, बारिश में भीग गया हो, AC में ज्यादा देर बैठने से सर्दी-जुकाम हो गया हो, तो तुरंत Aconite दें। 3. डर और सदमे की पहली दवा – अगर कोई भय, सदमे (shock), या दुर्घटना से मानसिक रूप से परेशान है, बार-बार मृत्यु का डर लग रहा है, तो यह दवा बहुत असरदार है। 4. तेज बुखार में फर्स्ट चॉइस – अगर बुखार अचानक 102-104°F तक चला जाए, शरीर गर्म लगे, प्यास बहुत लगे और मरीज बेचैन हो, तो Aconite तुरंत दें। 5. रात में अचानक खांसी उठे तो दें – अगर बच्चा या बड़ा रात में अचानक खांसी से जाग जाए, खांसी सूखी और तेज हो, गला बैठ जाए और बेचैनी हो, तो Aconite 30C या 200C असरदार होगी। 6. डेंगू या वायरल के शुरुआती लक्षण में फायदेमंद – अगर डेंगू, मलेरिया या वायरल बुखार की शुरुआत तेज़ बुखार और बेचैनी से हो रही हो, तो Aconite जल्दी राहत द...

बच्चेदानी का ट्यूमर होमियोपैथी

 Ovarian Cyst के सफल होम्योपैथिक इलाज पर वीडियो स्क्रिप्ट "क्या Ovarian Cyst बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है? क्या होम्योपैथी इतनी प्रभावी है कि इसे पूरी तरह खत्म कर सके? आज हम एक ऐसे रियल केस की बात करेंगे, जहाँ डॉक्टरों ने सिर्फ सर्जरी का ऑप्शन दिया था, लेकिन होम्योपैथी ने इस बीमारी को जड़ से खत्म कर दिया!" "इस केस में हम देखेंगे कि मरीज को क्या समस्या थी, कौन-सी दवाएँ दी गईं और आखिर में उसकी रिपोर्ट्स में क्या बदलाव आ "यह केस है 32 वर्षीय जरीयारा बेगम का, जिन्हें Bilateral Ovarian Cyst यानी दोनों अंडाशय में सिस्ट थी।" "शुरुआती लक्षणों में अनियमित मासिक धर्म, पेट में दर्द और कमजोरी शामिल थे। जब उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराया, तो रिपोर्ट में साफ दिखा कि उनके दाएँ ओवरी में 2.55 x 2.99 cm और बाएँ ओवरी में 3.14 x 2.83 cm का सिस्ट मौजूद था।" "एलोपैथिक डॉक्टरों ने सर्जरी करने की सलाह दी, लेकिन मरीज और उनके परिवार ने **होम्योपैथी का सहारा लिया।" --- [Homeopathy Treatment: 01:30 - 02:30] (डॉक्टर या होम्योपैथिक दवाओं की क्लिप) Narrator: "डॉ. सिफत अ...