होम्योपैथी एक प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, लेकिन इसे लेकर कई गलतफहमियाँ प्रचलित हैं। लोग अक्सर इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझे बिना इस पर संदेह करते हैं। आइए, ऐसी ही कुछ आम भ्रांतियों और उनकी सच्चाई को जानें। 1. होम्योपैथी बहुत धीमी होती है सच्चाई: यह एक आम गलतफहमी है कि होम्योपैथी का असर बहुत धीरे-धीरे होता है। वास्तव में, यह रोग की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। क्रॉनिक (पुरानी) बीमारियों में समय लग सकता है, लेकिन एक्यूट (तत्काल) बीमारियों जैसे बुखार, सर्दी, एलर्जी, दस्त आदि में होम्योपैथी तेजी से असर दिखाती है। 2. होम्योपैथी सिर्फ हल्की बीमारियों के लिए है सच्चाई: होम्योपैथी सिर्फ सर्दी-खांसी या एलर्जी तक सीमित नहीं है। यह कैंसर, डायबिटीज, किडनी फेलियर, हृदय रोग, माइग्रेन, त्वचा रोग, ऑटोइम्यून डिजीज और मानसिक विकारों जैसी जटिल बीमारियों में भी कारगर सिद्ध हुई है। कई "अस्वीकृत मामलों" (Reject Cases) में भी यह जीवनरक्षक सिद्ध हुई है। 3. होम्योपैथिक दवाएँ सिर्फ मीठी गोलियाँ होती हैं सच्चाई: लोग सोचते हैं कि होम्योपैथी सिर्फ म...
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