NUX VOMICA

नक्स वोमिका (Nux Vomica) का इतिहास और जानकारी

1. उत्पत्ति:
नक्स वोमिका का नाम लैटिन शब्दों “Nux” (बीज/नट) और “Vomica” (उल्टी) से लिया गया है। यह मुख्य रूप से स्ट्रिक्निन (Strychnos nux-vomica) नामक पेड़ के बीजों से बनती है। यह पेड़ भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है।


2. प्राकृतिक स्रोत:
इसके बीजों में स्ट्रिक्निन और ब्रुकिनिन जैसे तत्व होते हैं, जो अत्यधिक जहरीले होते हैं। पुराने समय में इसे गलत तरीके से लेने से गंभीर विषाक्तता हो सकती थी।


3. आयुर्वेद और होम्योपैथी में उपयोग:

आयुर्वेद: नक्स वोमिका का उपयोग कभी-कभी अपच, कब्ज, और तंत्रिका संबंधी समस्याओं में किया गया।

होम्योपैथी: होम्योपैथी में नक्स वोमिका को अत्यधिक कम खुराक में उपयोग किया जाता है। यह मुख्य रूप से पाचन, नींद, तनाव, शराब और तंबाकू के प्रभाव, और तंत्रिका तंत्र की समस्याओं में सहायक माना जाता है।



4. इतिहास:

17वीं और 18वीं सदी में यूरोप में इसकी खोज हुई।

होम्योपैथिक चिकित्सकों ने इसके अत्यंत पतले (diluted) रूप का उपयोग शुरू किया, ताकि यह सुरक्षित रूप से रोगों में लाभ पहुंचा सके।



5. सावधानियाँ:

कच्चा बीज या उच्च खुराक अत्यंत जहरीला होता है।

होम्योपैथिक रूप में सुरक्षित माना जाता है, लेकिन चिकित्सक की सलाह से ही लेना चाहिए।

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